मुंबई
नईम अहमद अब्बासी
मुंबई। सोशल मीडिया पर एक वीडियो चर्चा में है, जिसमें बुर्का पहने एक महिला गणपति बप्पा की मूर्ति लेकर मुंबई के अलग-अलग इलाकों में घूमती नजर आ रही है। वीडियो में महिला के रेलवे स्टेशन सहित भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने और लोगों के साथ वीडियो बनवाने के दृश्य दिखाई दे रहे हैं।
सोशल मीडिया पर इस मामले को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने के बाद दावा किया जा रहा है कि बुर्का पहने महिला मुस्लिम नहीं है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, महिला का नाम अनामिका सिंह और उसके साथ मौजूद युवक का नाम दिलीप कुमार पांडेय बताया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि दोनों ने सोशल मीडिया रील बनाने के उद्देश्य से एक दुकान से गणपति की मूर्ति खरीदी और उसे सजाने के बाद महिला ने बुर्का पहनकर मूर्ति के साथ मुंबई के विभिन्न भीड़भाड़ वाले इलाकों का दौरा किया। इस दौरान लोगों का ध्यान आकर्षित कर वीडियो बनाए गए।
दावा यह भी है कि पूरे घटनाक्रम का मकसद सोशल मीडिया पर अधिक से अधिक व्यूज और वायरलिटी हासिल करना तथा उससे कमाई करना था। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है।
इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे केवल सोशल मीडिया कंटेंट और रील बनाने का तरीका बता रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि धार्मिक प्रतीकों और बुर्के जैसे धार्मिक परिधान को केवल व्यूज और कमाई के लिए इस्तेमाल करना उचित नहीं है।


